स्क्रॅप कर और भूल जा॥
रीप्लाय की अपेक्षा मत रख॥
किया हुआ स्क्रॅप कभी व्यर्थ नही जाता॥
सबको अपने किये का रीप्लाय मिलता हि है॥
तू जिसे अपना कह रहा है वह किसी और का है॥
तू कौनसा स्क्रॅप लाया था जो लेकर जायेगा॥
तू इस स्क्रॅप को सेवा समझकर किसी और को स्क्रॅप कर दे॥

2 Responses to “स्क्रॅप कर और भूल जा”

  1. Shrish Says:

    तकनीकी गीता लगती है। :)

  2. ssjha Says:

    हौसला बढ़ाने के लिये शुकिया |
    मै जरुर लगातार लिख़ने कि कोशिश करूगा

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