स्क्रॅप कर और भूल जा
September 25, 2006
स्क्रॅप कर और भूल जा॥
रीप्लाय की अपेक्षा मत रख॥
किया हुआ स्क्रॅप कभी व्यर्थ नही जाता॥
सबको अपने किये का रीप्लाय मिलता हि है॥
तू जिसे अपना कह रहा है वह किसी और का है॥
तू कौनसा स्क्रॅप लाया था जो लेकर जायेगा॥
तू इस स्क्रॅप को सेवा समझकर किसी और को स्क्रॅप कर दे॥



December 5, 2006 at 8:49 am
तकनीकी गीता लगती है।
December 24, 2006 at 5:05 am
हौसला बढ़ाने के लिये शुकिया |
मै जरुर लगातार लिख़ने कि कोशिश करूगा